ALL राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य राजनीति अपराध विशेष विज्ञापन दुनिया कोविड-19 (कोरोना वायरस)
भारत में बढ़ी दुष्‍कर्म की वारदातें, रोजाना दर्ज होते हैं 87 मामले, जानें क्‍या कहती है NCRB की रिपोर्ट?
September 30, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

नई दिल्ली,। देश में दुष्कर्म की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau, NCRB) के मुताबिक, 2018 के मुकाबले 2019 में दुष्कर्म के मामलों में सात फीसद की वृद्धि हुई। हालांकि, इस अवधि में हत्या और अपहरण की घटनाओं में मामूली गिरावट दर्ज की गई।

एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, 2019 में देश में प्रतिदिन औसतन 87 दुष्कर्म के मामले दर्ज किए गए। जबकि, महिला उत्पीड़न से जुड़े कुल लगभग 4,05,861 मामले दर्ज हुए। साल 2018 में देशभर में महिला उत्पीड़न के कुल लगभग 3,78,236 मामले दर्ज हुए थे। आंकड़ों के अनुसार, 2019 में दुष्कर्म के कुल 32,033 मामले दर्ज किए गए, जो महिला उत्पीड़न को लेकर दर्ज कुल मामलों में से 7.3 प्रतिशत है। साल 2018 में पूरे देश में दुष्कर्म के कुल 33,356 मामले दर्ज हुए जो 2017 से ज्यादा है। 2017 में कुल 32,5,59 दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए। वहीं दूसरी तरफ हत्या और अपहरण के मामलों में कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार, 2018 में हत्या के 29,017 मामले दर्ज किए गए। जबकि 2019 में यह आंकड़ा 28,918 लोगों की हत्या हुई। इसी तरह 2019 में अपहरण के 1,05,734 मामले में दर्ज हुए।

हाथरस की सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता की दिल्ली में मौत

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में 14 सितंबर को सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता की 15 दिन बाद मंगलवार को मृत्यु हो गई थी। सामूहिक दुष्कर्म की इस घटना को निर्भया पार्ट-2 का नाम दिया गया है। सामूहिक दुष्कर्म के बाद अमानवीय कृत्य झेलने वाली पीड़िता का संघर्ष कल को नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में समाप्त हो गया था। इस घटना के बाद तमाम राजनीतिक नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा नेता और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है।