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बेरोजगार युवा भुखमरी की कगार पर - ए. पी. सिंह
October 14, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

बेरोजगार युवा भुखमरी की कगार पर - ए. पी. सिंह

(न्यूज़)देश मे बेरोजगारी का स्तर लगातार बढ़ता चला जा रहा है। यह समस्या केवल भारत तक ही सीमित नही है। वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम के ताजा सर्वे के अनुसार 10 वर्षों की सबसे बड़ी चिंताओं में पहले स्थान पर है। अभी की स्थितियों को देखते हुए पहले तो कोरोना वायरस को जाने को लेकर ही दुविधा बनी हुई है। फिर उसके आगे यह आशंका भी है कि आने वाले समय मे ऐसे अन्य रोगाणुओं के हमले भी मनुष्य को झेलने पड सकते है। यह बात भी ध्यान देने लायक है कि बेरोजगारी  और महामारी ये दोनों बड़ी चिंताए एक-दूसरे से उतनी अलग नही है। बेरोजगारी के बढ़ने के पीछे व कोरोना वायरस को फैलाने से रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन का सीधा हांथ है। इसके अलावा ऑटोमेशन और ग्रीन इकनॉमिक की तरफ बढ़ने से भी रोजगार के कई स्रोत समाप्त हुए है। जिस युवा शक्ति के दम पर हम विश्व भर में इतराते फिरते हैं. देश की वही युवा शक्ति एक अदद नौकरी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है. लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि प्रतिदिन बढ़ती बेरोजगारी के कारण सबसे अधिक आत्महत्याओं का कलंक भी हमारे देश के माथे पर लगा हुआ है. राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रतिदिन 26 युवा खुद को काल के गाल में झोंक रहे हैं और इस संताप की स्थिति का जन्म छात्र बेरोजगारी की गंभीर समस्या के कारण हुआ है। आईएलओ ने जो अनुमान लगाया है, वह मोदी सरकार के लिए खतरे की घंटी है. इसमें कहा गया है कि वर्ष 2018 में भारत में बेरोजगारों की संख्या 1.86 करोड़ रहने का अनुमान है. साथ ही इस संख्या के अगले साल, यानी 2019 में 1.89 करोड़ तक बढ़ जाने का अनुमान लगाया गया है. आंकड़ों के अनुसार, भारत दुनिया के सबसे ज्यादा बेरोजगारों का देश बन गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय देश की 11 फीसदी आबादी बेरोजगार है. यह वे लोग हैं जो काम करने लायक हैं, लेकिन उनके पास रोजगार नहीं हैं. इस प्रतिशत को अगर संख्या में देखें, तो पता चलता है कि देश के लगभग 12 करोड़ लोग बेराजगार हैं. इसके अलावा बीते साढ़े तीन साल में बेरोजगारी की दर में जबरदस्त इजाफा हुआ है. यह तो कहना है, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन यानी आईएलओ की रिपोर्ट का. वहीं मोदी सरकार के श्रम मंत्रालय के श्रम ब्यूरो के सर्वे से भी सामने आया है कि बेरोजगारी दर पिछले पांच साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है।