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बैंक ऑफ बड़ौदा के अफसरों पर फर्जी तरीके से 30 लाख रुपये ट्रांसफर करने का केस दर्ज
August 14, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

 

लखनऊ । गोमतीनगर थाना में इंडियन मर्केंटाइल बैंक के कार्यकारी सचिव विनय भुटानी ने बैंक ऑफ बड़ौदा की विपुलखंड शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों पर 30 लाख रुपये गलत तरीके से तीन अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर धीरज सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
कैंट रोड स्थित इंडियन मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के कार्यकारी सचिव विनय भुटानी के मुताबिक, बैंकिंग व्यवसाय के लिए बैंकिंग कार्यप्रणाली के नियमों के तहत गोमतीनगर की विपुलखंड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में सवा सात करोड़ रुपये की सावधि जमा बनवाई गई थी जिसके विरुद्ध बैंक ने उक्त शाखा में एक ओवरड्राफ्ट खाता खोला था। उक्त खाते को संचालित करने के लिए बैंक के दो अफसरों को अधिकृत किया गया था। वर्तमान में उक्त खाते का संचालन विनय भुटानी स्वयं और पीके तलवार, विनोद कुमार गौतम व राजेश श्रीवास्तव में से कोई भी दो व्यक्ति कर रहे थे। 16 जून 2020 को बैंक की प्रबंधन कमेटी ने बैंक ऑफ बड़ौदा स्थित उक्त खाते से 50 लाख रुपये आईसीआईसीआई बैंक के खाते में एफडी बनाने के लिए ट्रांसफर कराने को पत्र लिखा था।
उक्त पत्र के जवाब में बैंक ऑफ बड़ौदा के विपुलखंड शाखा के अधिकारी ने बताया कि 50 लाख रुपये ट्रांसफर होने के बाद खाते में मात्र 24 लाख रुपये ही शेष हैं। यह सुनते ही बैंक अधिकारी हैरान रह गए। खाते की स्टेटमेंट मंगाने पर उसमें आठ जून 2020 को छह लाख रुपये जीशान के इंडियन बैंक स्थित खाते में, 11 जून 2020 को आठ लाख रुपये साकिब खान के आईसीआईसीआई बैंक और 15 जून 2020 को नौ लाख रुपये बालाजी इंटरप्राइजेज के डीसीबी बैंक स्थित खाते में भेजे गए थे।
मामले की पड़ताल करने पर पता चला कि तीनों लेनदेन बैंक ऑफ बड़ौदा ने गलत तरीके से किए थे। बैंक के अधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी ने बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा जाकर रकम ट्रांसफर करने के कागजात देखे तो पता चला कि उक्त लेनदेन मर्केंटाइल बैंक से आए ईमेल के आधार पर किया गया था।
 तीनों खातों का फ्रीज करने की मांग 
विनय भुटानी का कहना है कि मर्केंटाइल बैंक उक्त खाते से कोई भी लेनदेन करता है तो ईमेल के अलावा अधिकृत अधिकारियों के हस्ताक्षरयुक्त पत्र भी भेजा जाता है जबकि बैंक ऑफ बड़ौदा के पास कोई ईमेल या पत्र नहीं भेजा गया था। विनय भुटानी का आरोप है कि बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों ने फर्जी तरीके से उक्त रकम इधर से उधर की है।
उन्होंने, जिन तीन खातों में रकम भेजी गई है, उन्हें फ्रीज करने की मांग की है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, तीनों खाते जिन व्यक्तियों अथवा कंपनी के हैं, वह मर्केंटाइल बैंक के ग्राहक भी नहीं है न ही बैंक की उन पर किसी प्रकार की देनदारी है।
विनय भुटानी का कहना है कि उक्त फर्जी लेनदेन के संबंध में बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों से 16 जून 2020 को मिलकर कार्रवाई का अनुरोध किया गया था लेकिन किसी ने सहयोग नहीं किया।