ALL राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य राजनीति अपराध विशेष विज्ञापन दुनिया कोविड-19 (कोरोना वायरस)
बैक्टीरिया के साथ लार के जरिए भी शरीर में जा सकता है वायरस:कोविड 19
September 25, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

 

कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क और सामाजिक दूरी के साथ मुंह की सफाई यानी ओरल हाइजीन पर भी ध्यान देना होगा। एम्स के वैज्ञानिकों का दावा है कि बैक्टीरिया के साथ-साथ लार के जरिए भी वायरस शरीर में पहुंच सकता है। एम्स दिल्ली की सीडीआर शाखा कि डॉक्टर अमृता चावला बताती हैं कि जो लोग महामारी में लंबी यात्रा करते हैं। उनके चेहरे पर मास्क होता है। इस कारण लार का बनना काफी कम हो जाता है।दांतों के बीच खाद्य पदार्थ के टुकड़े फंसे होने से बैक्टीरिया की संख्या बढ़ जाती है जो दांतों मसूड़ों और जीभ की ऊपरी सतह पर चिपक जाते हैं। खाद्य पदार्थ फंसे होने और मुंह का तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा ना होने के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। स्प्रिंगर नेचर जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, वायरस सिर्फ हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं बल्कि के अंदर जा सकता है।ब्रिटिश डेंटल जर्नल में प्रकाशित शोध में ओरल हाइजीन और तीव्र वायरल श्वसन संक्रमण पर अध्ययन हुआ। इस शोध पत्र के अनुसार, बुजुर्गों के निमोनिया पीड़ित होने में खराब ओरल हाइजीन को भी एक वजह माना गया था। यह कोविड-19 लिए भी सही हो सकता है। ऐसे में माना जाता है कि कोरोना के मामलों में 50 फ़ीसदी से अधिक मौतें बैक्टीरियल सुपर इंफेक्शन की वजह से हुई हैं।