ALL राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य राजनीति अपराध विशेष विज्ञापन दुनिया कोविड-19 (कोरोना वायरस)
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में दो नवजात मादा बाघ शावकों की मौत, पार्क प्रशासन के फूले हाथ पैर
October 10, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

उमरिया, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ताला जोन में दो नवजात मादा बाघ शावकों की मौत हो गई है। दोनों शावक एक सप्ताह के थे और उनकी अभी आंख भी नहीं खुली थीं। इन शावकों के जन्म की जानकारी भी प्रबंधन को इसलिए नहीं लग पाई थी क्योंकि अभी बाघिन इन शावकों को निकालकर सामने नहीं लाई थी। पार्क प्रबंधन ने बताया कि किसी बड़े बाघ के हमले में यह घटना हुई है। दोनों ही शावकों के शरीर पर चोट के घातक निशान मिले हैं।

 

शुक्रवार शाम मिला था घायल

दोनों शावक शुक्रवार शाम को गोहड़ी बीट के कक्ष 301 में पाए गए थे। इसमें से एक की मौत हो चुकी थी दूसरा घायल था। बांधवगढ़ के फील्ड डायरेक्टर विसेंट रहीम ने बताया कि दोनों शावकों को गश्त के दौरान देखा गया था। कर्मचारियों ने सूचना दी थी कि एक शावक की मौत हो गई है दूसरा घायल है। दूसरे घायल शावक पर रात भर नजर रखी गई, लेकिन सुबह तक उसकी भी मौत हो गई। शनिवार सुबह शवों का परीक्षण करने के बाद ताला में ही शवों को जला दिया गया।

सात महीनों में छह शावकों की मौत

बांधवगढ टाइगर रिजर्व में पिछले सात माह में छह बाघ शावकों की मौत हो चुकी है। मार्च से अभी तक इस तरह की यह तीसरी घटना है। दो घटनाओं में ही चार शावकों की मौत हो चुकी है जबकि दो अन्य घटनाओं में दो शावकों की मौत हुई थी।

 

भारतीय वन सेवा अधिकारियों के हुए तबादले

वहीं, दूसरी ओर कुछ दिन पहले ही राज्य शासन ने भारतीय वन सेवा के 16 अधिकारियों के तबादले कर दिए थे। इसके तहत बाघों की लगातार मौत और शिकवा-शिकायतों के चलते राज्य शासन ने पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक केएस भदौरिया को हटा दिया गया। उन्हें वन मुख्यालय में पदस्थ किया गया है। वहीं ग्वालियर के बाद बैतूल वन वृत्त की कमान भी अपर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक स्तर के अधिकारी को सौंप दी गई।