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अवैध नर्सिंग होम के संचालक ने सीएचसी अधीक्षक को बताया अपना रिश्तेदार
August 19, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

 

खीरों (रायबरेली)। खीरों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी व आए दिन मरीजों के साथ होती अभद्रता में विराम नहीं लग रहा है। सीएचसी अधीक्षक माल कमाने के चक्कर में अपने संरक्षण में अवैध नर्सिंग होम चलवाकर मानवता का गला घोट रहे हैं। झोलाछाप के खिलाफ जांच व कार्यवाही का एक पत्र सीएमओ के नाम पर बनाकर अपनी कार्यवाही की इतिश्री कर लिया। अब सवाल यह उठता है कि सीएचसी अधीक्षक के भ्रष्टाचार में पूरी तरह शामिल व उनके द्वारा कमाए गए हर काले धन में हिस्सेदारी लेने वाले 
सीएमओ हत्यारे झोलाछापों के खिलाफ क्या कार्यवाही करेंगे?

रोगी से अभद्रता का वीडियो वायरल

सोमवार को ओपीडी के समय दिन के लगभग बारह बजे सीएचसी अधीक्षक व अस्पताल के डॉक्टर की सिक्योरिटी में मौजूद होमगार्ड के दो लोगों ने इलाज के लिए अस्पताल आए एक गरीब रोगी को डॉ वरुण यादव के कहने पर धमकाते हुए भला-बुरा कहा। भय के मारे रोगी बिना इलाज कराये ही अस्पताल से रोते हुए चला गया। पर अस्पताल के डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा। लोगों का कहना है कि अस्पताल में सिक्योरिटी का रौब दिखाकर इसी तरह आए दिन मरीजों के साथ अभद्रता की जाती है ताकि अस्पताल में रोगी इलाज के लिए न आयें और झोलाछाप व अवैध नर्सिंग होम के यहां भटकते रहैं। क्योंकि उनकी नाजायज कमाई में सीएचसी अधीक्षक भी अपना हिस्सा बटाते हैं। इस बात को आर के चौधरी हॉस्पिटल के झोलाछाप ने 15 दिन पहले कबूला था।

सीएचसी के डॉक्टर योगी सरकार को दे रहे खुली चुनौती

सीएचसी में तैनात डॉक्टर चाहे महिला हों या पुरुष लगातार घर बैठे वेतन ले रहे हैं। महिला डॉक्टर कभी भी मुख्यालय पर रात में नहीं रुकती हैं। नर्स प्रसव कराती हैं। डिलीवरी के बाद एक हजार से लेकर 1500 रुपये तक वसूल कर गरीबों की खाल खींच लेती हैं। पाहो में तैनात डॉ सौम्या यादव कभी नहीं आती हैं। उनके पति डॉ वरुण यादव खीरों सीएचसी में तैनात हैं।