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अन्न प्रासन संस्कार में बच्चों को खिलाई गई खीर
September 23, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

अन्न प्रासन संस्कार में बच्चों को खिलाई गई खीर

 सीडीपीओ ने बच्चों को स्तनपान कराने से होने वाले फायदे बताए 

फतेहपुर। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से लाभार्थी के घर में पहुंचकर टीम ने बच्चों को खीर खिलाकर अन्न प्रासन संस्कार कराया। इस दौरान नवजात बच्चों का जन्म दिन भी मनाया गया। साथ ही माताओं को स्तनपान का महत्व और बच्चे के सेहत पर इसके प्रभाव की जानकारी दी गई। छह माह पूर्ण कर चुके बच्चो को खीर खिलाई गई।
     शहर क्षेत्र के आंगनबाडी केंद्र चैधराना के अंतर्गत अन्न प्रासन संस्कार मनाया गया। यहां पर आंगनबाडी कार्यकर्ता अनीता शुक्ला ने बच्चों के लिए खीर बनाई। इसके बाद सीडीपीओ अमिता श्रीवास्तव, मुख्य सेविका विनोदनी, आंगनबाडी कार्यकर्ता अनीता शुक्ला लाभार्थी के घर पहुंची। यहां पर लाभार्थी दीपाली तिवारी की पुत्री मान्या का अन्न प्रासन संस्कार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सीडीपीओ अमिता श्रीवास्तव ने बच्ची को खीर खिलाकर किया। इसी प्रकार मुराइनटोला, हरिहरगंज, ज्वालागंज, अस्ती, राधानगर आंगनबाडी केंद्रों में भी आयोजन हुआ। 
          सीडीपीओ ने बताया कि लोगों में पोषण के प्रति जागरूकता बढाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम किए जाते हैं जिससे लोग जागरूक हो सकें। शासन की ओर से दी जा रही योजनाओं का लाभ ले सकें। इस दौरान माताओं को खानपान में मौसमी फलए हरी पत्तेदार सब्जियों के विषय में बताया गया। नवजात बच्चों को तिलक लगाकर उनका स्वागत हुआ। आंगनबाडी कार्यकर्ता ने चतुरंगी आहार अर्थात लाल सफेद, हरा, पीला रंग के खाधान जिनमें गाढी दाल, अनाज, हरी पत्तेदार सब्जी स्थानीय मौसमी फल, दूध, दूध से बने उत्पादों को खिलाने का परामर्श दिया। यह भी बताया कि भोजन की मात्रा धीरे धीरे कैसे बढाई जाती है। बच्चों में हाने वाली बीमारियों जिनमें डायरिया, निमोनिया, खसरा आदि से बचाव व उपचार के लिए भी जागरूक किया। इस दौरान लाभार्थी दीपाली ने बताया कि पोषाहार के बारे में जानकारी दी गई। बताया कि बच्चों को किस उम्र में कितना भोजन देना चाहिए और क्या देना चाहिए। इस मौके पर बच्चों के माता पिता व परिवार के सदयए मात समितियों की सदस्यए स्वयं सहायता समूहए आंगनबाडी वर्करए किशोरियां व महिलाएं रहीं। 
         डीपीओ जया त्रिपाठी ने बताया सभी ब्लाकों मे अन्न प्रासन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। शहर में 190 केंद्र संचालित हैं जिसमें 176 केंद्रों में अन्न प्रासन किया गया। जो बच्चे छह माह पूर्ण कर चुके हैं उन्हे ग्रोथ बढाने के लिये अतिरिक्त आहार की आवश्यकता होती है। इसलिये अब बच्चों को उपरी आहार की शुरूआत करें जिसमें मसला हुआ केला घुटी हुई दाल खिचडी हलवा आदि घर का बना खाना खिलाना है साथ ही जो पोषाहार दिया जा रहा है उसे भी दिनभर में 120 ग्राम खिला है चाहे दूध में अथवा गुनगुने पानी में घोलकर खिलायें बच्चे को सौ ग्राम की कटौरी में आधी कटोरी दिनभर में खिलाने की शुरूआत करनी है। 
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सब्जी व फलों का करें सेवन
सब्जियों और फलों के सेवन से आसानी से विटामिन एक की पूर्ति की जा सकती हैं। इसके लिए अंडा, दूध, गाजर, पीली या नारंगी सब्जियां, पालक, स्वीट पोटैटो, पपीता, दही, सोयाबीन और दूसरी पत्तेदार हरी सब्जियां का सेवन किया जा सकता है।