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अगर पराली जली तो जलाने वाले किसान पर होगी कड़ी कार्रवाई
October 8, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

अगर पराली जली तो जलाने वाले किसान पर होगी कड़ी कार्रवाई

फतेहपुर 08 अक्टूबर जिलाधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि खरीफ मौसम की फसलो के अवशेष जलाये जाने से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण की रोकथाम हेतु आदेश निर्गत किये गए है । अपर मुख्य सचिव उ0प्र0 लखनऊ 24 सितम्बर 2020 के द्वारा शासनादेश  26 अगस्त 2020 के प्रस्तर 6.6 व 6.7 के व्यवस्थाओ में संसोधन किये गए है।
कंबाइन हार्वेस्टर के साथ यथासंभव सुपर एस0एम0एस0 का प्रयोग किया जाए जिससे पराली प्रबंधन कटाई के समय ही हो जाए ।
सुपर एस0एम0एस0 के विकल्प के रूप में अन्य फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्र जैसे-स्ट्रा रीपर, स्ट्रा रैक, बेलर, मल्चर, पैडी स्ट्रा चॉपर, श्रब मास्टर, रोटरी इसलेसर, रिवर्सिबुल एम0बी0 प्लाऊ का भी प्रयोग कंबाइन हार्वेस्टर के साथ किया जा सकता है, जिससे खेत में फसल अवशेष के बंडल बनाकर उपयोग में लाया जा सके अथवा काटकर मिट्टी में मिलाया जा सके । कंबाइन हार्वेस्टर के संचालक की जिम्मेदारी होगी की कटाई के दौरान उपरोक्त समस्त व्यवस्था स्वयं सुनिश्चित कराते हुए कटाई का कार्य करेंगे ।
यदि कोई किसान बिना पराली को हटाए रबी की बुआई के समय जीरो टिल सीडड्रिल, हैप्पी सीडर या सुपर सीडर का प्रयोग पर सीधे बुवाई करना चाहता है या फिर डीकम्पोजर का प्रयोग कर पराली का प्रबंधन करना चाहता है तो ऐसे किसानों से अनिवार्य रूप से इस आशय का घोषणा पत्र अवश्य ले लिया जाए कि उसके द्वारा पराली जलायी नहीं की जाएगी, अपितु रबी की बुवाई के समय उक्त यंत्रों का प्रयोग किया जाएगा/ डीकंपोजर का प्रयोग किया जाएगा ।
उपरोक्त व्यवस्था का अनुपालन कराने का उत्तरदायित्व कंबाइन हार्वेस्टर संचालक का होगा, कृषक द्वारा घोषणा की शर्तों में दिए गए बाध्यताओं का उल्लंघन करने पर उसके विरुद्ध शासनादेश में दी गई व्यवस्था के अनुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी । 
यदि जनपद में उक्त शिथिलता/संशोधन का दुरुपयोग कर पराली जलाने की घटनाएं प्रकाश में आती हैं तो संबंधित उप जिलाधिकारी अधिकृत होंगे कि वह कंबाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर एस0एम0एस0 लगाए जाने की अनिवार्यता की पूर्व व्यवस्था अपने स्तर पर लागू कर लें ।
 यह सुनिश्चित किया जाए कि फसल अवशेष जलाए जाने की घटनाएं प्रकाश में ना आने पाए, दोषी पाए जाने वालों के विरूद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही भी की जाए साथ ही कंबाइन/हार्वेस्टर के साथ ग्राम स्तर के अधिकारियों की तैनाती की जाए जो उक्त निर्देशों के अनुपालन सुनिश्चित कराएं । प्रस्तर संख्या 7 व 8 को इस सीमा तक संशोधित समझा जाए तथा उक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन किया जाए ।