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आम जनता के लिए और सुलभ हो "खाकी" को खोलने होंगे न्याय के दरवाजे
August 21, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

 

सरकार के लाख प्रयासों के बावजूद लोगों का विश्वास नहीं जीत पाई है पुलिस!

खाकी की मनमानी के आए दिन  उजागर होते रहते हैं किस्से!

अधिकारियों को और संवेदनशील होना होगा तभी निपटेंगी आसानी से लोगों की समस्याएं! 

केवल एसपी नहीं बल्कि थाना पुलिस व अन्य पुलिस अफसरों को भी निभानी होगी अहम भूमिका

फतेहपुर।आम जनता को कोरोना संक्रमण काल फतेहपुर जिले के लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। एक ओर जहां कामों के निराकरण के लिए लोगों को अधिकारी ढूंढे नहीं मिल रहे हैं वहीं पुलिस की समस्याओं से लोग हर दिन रूबरू हो रहे हैं।भले ही पुलिस कप्तान ने थानों में जाकर लोगों की शिकायतों के निराकरण का एक प्लेटफार्म तैयार किया हो लेकिन थाना पुलिस से लेकर क्षेत्राधिकारी तक अपने में ही मस्त हैं।थानों में जाने वाले लोगों की शिकायतों का निराकरण नहीं हो रहा है। लोगों के काम बिना पैसों के नहीं हो रहे हैं। पुलिसिया उत्पीड़न एवं मनमानी की शिकायतें भी आए दिन मिलती रहती हैं। थानों में लोगों को न्याय न मिलने का ही नतीजा है कि पीड़ित जिला मुख्यालय तक अफसरों की चौखट में न्याय की अरदास लेकर दस्तक दे रहे हैं। दिखावे के लिए नहीं बल्कि पुलिस को हकीकत में आम गरीब जनता के लिए न्याय के दरवाजे संवेदनशील होकर खोलना पड़ेगा।
      कोरोना तो पुलिस अफसरों की बेपरवाही का लाइसेंस जैसा हो गया है। कोरोना के बहाने शिकायत लेकर आने वाले लोगों को टरकाया व दौड़ाया जाता है। इसके लिए पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिस अधिकारियों को और संवेदनशीलता दिखानी होगी। लोगों के लिए न्याय के दरवाजे खोलने होंगे।तभी उन्हें सुलभ न्याय मिल सकेगा। रही बात कोरोना की तो 2 दिन के पूर्ण लॉकडाउन सहित अन्य दिनों में भी खाकी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करती नजर नहीं आ रही है।एक तरफ लोगों की मनमानी जारी है तो उन पर लगाम लगाने वाले अधिकारी मस्ती में उतारू लोगों से ज्यादा मस्त हो गए हैं।बेवजह सड़कों पर निकलने वाले लोगों से यह कोई पूछने वाला ही नहीं है कि आखिर वह सड़क पर क्यों निकले हैं? दुकानों,बाजारों में लोगों की भीड़ दिख रही है बिना मास्क लगाए लोगों को सहसा सड़कों पर देखा जा सकता है। *चौराहों पर खड़ी होने वाली पुलिस कहीं नजर नहीं आती। अगर नजर आती भी है तो वाहन चेकिंग की फर्जअदायगी कर पुलिस व्हाट्सएप में लगी रहती है
         वाहन चेकिंग के निर्देश के बाद आने वाली फुर्ती में सीधे-साधे व जरूरतमंद लोग ही पुलिस के हत्थे चढ़ते हैं। कई ऐसे वीडियो भी वायरल होते रहते हैं जिनमें खाकी की मनमानी नजर आती है। हाल ही में *मलवां थाना क्षेत्र के आदमपुर घाट में खड़ी कई मोटर साइकिलों का पुलिस वालों ने घूम घूम कर मोबाइल से फोटो खींच चालान काटा। जिसका वीडियो तक वायरल हुआ है। वहां खड़े लोगों में आने का कारण बताया भी लेकिन खाकी ने अपनी रौब में लोगों के चालान काट दिए। ना उनकी मजबूरी पूंछी ना ही आने का कारण!कम से कम लोगों से पूछताछ जरूरी है अगर वास्तव में वह गड़बड़ है तो निश्चित रूप पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई जायज है लेकिन जिले में शायद खाकी मनमानी के लिए कुख्यात होती जा रही है।आम गरीब लोग न्याय के लिए थानों के चक्कर काटते हैं वही दबंगों एवं सत्ताधारियों के इशारे पर जमीनों में पुलिस खड़े होकर कब्जे कराती नजर आती है। जब यह हालात हों तो जिले के अफसरों को ही आगे आकर बेलगाम पुलिस वालों पर लगाम लगानी होगी। तभी लोगों को स्थानीय स्तर पर न्याय मिल सकेगा और न्याय की आस में जिला मुख्यालय तक आने वाले लोगों कि बेवजह की भीड़ आना बंद होगी। यह न केवल *कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने लिए जरूरी है बल्कि योगीराज में भ्रष्टाचार व कानून व्यवस्था के बिगड़े हालातों पर प्रदेश सरकार की हो रही किरकिरी के लिए भी आवश्यक हो गया है।