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आडिट बिभाग की मिलीभगत से फतेहपुर की 13 विकास खण्डों की ग्राम पंचायतों में 5 हजार करोड का घोटाला
August 22, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

                                                 

फतेहपुर ।जनपद के विकास खण्ड हथगांम व विकासखंड ऐराया के ग्राम पंचायतों में बित्तीय वर्ष 2018-19 मे सरकारी ग्रान्ट का जमकर बित्तीय अनियमितता की गयी है और उक्त वर्ष के आडिट नोट मे सम्बंधित गम्भीर मामलोंं को फाईलों मे दबा दिया गया हैं ऐसे मे भारी मात्रा मे भष्टाचार होने से कोई भी शंका पायी जा रही हैं
बित्तीय वर्ष 2018-19 वर्ष में उक्त विकास खण्ड के ग्राम पंचायतों में पी डब्लू डी द्वारा  फतेहपुर जनपद के निर्धारित निर्माण समाग्रियों तथा ईट बालू सीमेंट आदि रेट का से अधिक रेट पर स्टीमेट तैयार कर उसी दर पर भुगतान दर्शाकर बडें पैमाने पर अप्रत्यक्ष रूप से सरकारी धन का अपहरण किया गया है,और सम्बंधित लेखा परीक्षकों द्वारा आडिट नोट मे जान बूझकर उक्त गम्भीर तथ्यों को प्रकाश मे नही लाया गया हैं
उपरोक्त विकास खण्डों के किसी भी ग्राम पंचायत में बित्तीय वर्ष  2018-19 में रूपया एक लाख से अधिक मूल्य की निर्माण समाग्री क्रय करने हेतु टेण्डर आमान्त्रित न करके बित्तीय अनियमितता की हैं और कोई भी आडिट रिपोर्ट मे स्पेशल रिपोर्ट नही किया गया हैं और किसी भी विकासखंड के किसी भी  ग्राम पंचायतों मे बित्तीय वर्ष 2018-19 में समाग्री आपूर्ति कर्ता फर्मो के बिलो से आयकर एवं जी0एस0टी0 की कटौती नही की गयी हैं किन्तु ईस तथ्य को भी जानबूझकर भी प्रकाश मे नहीँ लाया गया हैं और विकासखंड के अधिकांश ग्राम पंचायतों में,सोलर लाईट,स्ट्रीट लाईट ,कूडादान,कूडागाडी आदि के खरीद पर भी भारी भरकम को ब्यय दिखाया गया है किन्तु उक्त समाग्रियों के क्रय हेतु न ही भण्डार नियमों का पालन करते हुये टेण्डर/कोटेशन लिया गया और न ही शासनादेश संख्या 977/45 वि/अति अ0सोवि/2017 दिनांक 29/08/2017 शासनादेश संख्या 51/2018/1701/33.03.2018-40/2018 दिनांक13/06/2018का पालन किया गया इस प्रकार मनमानें ढंग से उक्त प्रकार की समाग्रियों का क्रय करके सम्बन्धित ग्राम पंचायतों में ब्यापक तौर पर भष्ट्राचार किया गया और ग्राम पंचायत अधिकारियों की मिलीभगत से  उक्त तथ्यों की एक भी कमी को आडिट नोट मे प्रकाश मे लाने का कार्य नही किया गया है और बिकास खण्ड के आधिकांश  ग्राम पंचायतों मे स्वीकृत मूल स्टीमेट से काफी अधिक धनराशि सम्बंधित कार्यों पर दिखाया गया हैं किंन्तु संसोधित  स्टीमेट तैयार करके बढे हुये मदो कार्यो की धनराशि की स्वीकृति न लेकर बित्तीय अनियमितता की गयी हैं और विकास खण्ड के अधिकांश ग्राम पंचायतों के वर्ष 2018-19मे क्रय किये गये बालू पथ्थर मोंरग और निर्धारित दरों की रायल्टी की भी कटौती नही की गयी हैं,विकास खण्डो के सभी ग्राम पंचायतों में हैन्डपम्प मरम्मत सम्बन्धी कार्यों के बडे पैमाने पर धनराशि को खर्च दिखाया गया हैं किन्तु बिना आगणन तैयार किये हुये मनमानी मात्रा क्रय दर्शाकर बडी मात्रा मे धनराशि को ब्यय किया गया हैं ब्यय से पूर्व जल प्रबंधन समिति की संस्तुति भी नही ली गयी हैं और ग्राम पंचायतों में बिना निर्माण कार्य की संस्तुति लिए बिना बडें पैमाने पर निर्माण मरम्मत,और हैन्डपम्प रिबोर के लिए अलग अलग वर्क आई डी जनरेट / तैयार नही कर, बल्कि सभी हैण्डपम्प एक ही वर्क आईडी मे धनराशि को खर्च मे दिखाया गया हैं  एवं हैण्डपम्प मराम्मत कार्यो पर शासन द्वारा निर्धारित मानक/प्रतिशतसे अधिक धनराशि उक्त विकास खण्डोंके ग्राम पंचायतों मे ब्यय की गयी हैं    शासनादेश का स्पष्ट उल्लंघन हैं मुख्यालय द्वारा निर्धारित प्रारूप -1तथा कार्यों मे आडीटर द्वारा उक्त तथ्यों को छिपाया गया हैं और ग्राम पंचायतों के आडिट नोट में चतुर्थ राज्य बित्त आयोग एवं 14वें वित्त आयोग से प्राप्त ग्रान्ट एवं ब्यय का अलग अलग विवरण न लिखकर.दोनों की रकम को जोडकर दर्शायी गयी है आपात्ति पत्र मे भी उक्त से सम्बंधित ब्यय गाईड लाईन से पालन न किये जाने से सम्बंधित कोई भी आपात्ति आडीटर द्वारा नही की गयी हैं जो किसी भी प्रकार की कोई भी स्पेशल रिपोर्ट मे नही दिखाया गया है जो भष्टाचार को पूरी तरह से साबित कर रहा हैं।