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*अवैध काम करने वालों का कवच बन रही "खादी"* *माफियाओं की मजबूत पकड़ होने के चलते इन पर हाथ डालने से कतराते हैं अफसर*
July 27, 2020 • ब्यूरो रिपोर्ट - न्यूज ऑफ फतेहपुर • उत्तर प्रदेश

*अवैध काम करने वालों का कवच बन रही "खादी"*

*माफियाओं की मजबूत पकड़ होने के चलते इन पर हाथ डालने से कतराते हैं अफसर*

*खाकी-खादी व माफियाओं के गठजोड़ ने आम लोगों की बढ़ाई मुसीबत*

फतेहपुर। जिले में अवैध खनन के मामले में बदनाम रहा है*। भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद जिले की छवि में सुधार की गुंजाइश तब साल दर साल समाप्त होती रही जब भ्रष्टाचार से लेकर मौरंग, बालू, मिट्टी व जमीनों पर कब्जों  के लिए माफियाओं ने अपने पैर पसार दिए और सत्ताधारी नेताओं ने संरक्षण दे इनके सिर पर हाथ रख दिया। बात सत्ता धारियों की आई तो प्रशासन व पुलिस महकमा भी बैकफुट पर रहा। इसी का नतीजा रहा कि मौरंग के अवैध खनन से लेकर अवैध डंपिंग, गंगा बालू के चोरी-छिपे खनन व मिट्टी खनन के कारोबार से *माफिया काली कमाई करते रहे और इसके हिस्सेदार सत्ता से जुड़े लोगों से लेकर खाकी तक रही।
 मौरंग खनन का काम 30 जून से बंद हो गया है लेकिन खनन बंद होने से पहले ही मौरंग माफियाओं ने मौरंग से मलाई काटने के लिए डंपिंग के लाइसेंस ले रखे थे। कानूनी दांवपेचों से बचने के लिए लिए गए लाइसेंसों में नाजायज कारोबार होता रहा और बड़ी तादाद में मानक के विपरीत मौरंग की डंपिंग की गई। बड़े कारोबारियों की बात कौन करे? सत्ता से जुड़े लोगों ने जहां जगह पाई वहीं मौरंग को डंप करा दिया। चाहे ग्राम समाज की जमीन रही हो, खेत खलिहान,बाग-बगीचे, स्कूल कॉलेजों की पड़ी जमीनें हों या फिर वीरान जगहों के बड़े भू-भाग बड़े पैमाने पर मौरंग की डंपिंग की गई। 
 हलांकि जिलाधिकारी संजीव सिंह के निर्देश पर अवैध रूप से डंप की गयी मौरंग पर कार्रवाई जारी है। अकेले उपजिलाधिकारी बिंदकी ने गत सप्ताह ही डेढ़ हजार घन मीटर के आसपास अवैध रूप से डंप की गई मौरंग को सीज करने की कार्रवाई की है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या मानकों के विपरीत व क्षमता से अधिक डंप की गई मौरंग के लाइसेंस धारियों की मौरंग डंपिंग का लेखा जोखा जिला प्रशासन कर पाएगा या नहीं! सरकारी गैर सरकारी निर्माण कार्य शुरू होने के चलते मौरंग की खपत बराबर जारी है और डंप मौरंग से ही निर्माण कार्यों के लिए आपूर्ति की जा रही है। जब तक जिला प्रशासन इन्हें कार्रवाई की जद में लाएगा तब तक डंपिंग करने वाले लोग अपना काम पूरा कर चुके होंगे। सरकार की मंशा के अनुरूप जिला व पुलिस प्रशासन को हर उस नाजायज काम पर हाथ डालना होगा जो गलत हो। *मजबूत पकड़ वाले व सत्ताधारियों के ऊपर फिलहाल सरकारी शिकंजा नहीं कस पा रहा है और अपनी हनक के चलते ये लोग प्रशासनिक कार्रवाई की जद से बाहर रहते हैं और छोटे लोगों पर कार्यवाइयां कर प्रशासन व पुलिस अपनी पीठ थपथपाती रहती है। इसी का नतीजा है कि बड़े पैमाने पर अवैध ढंग से काम करने वालों के हौसले बढ़े हैं।इनके सिर पर सत्ताधारियों का हाथ इनकी ताकत को और बढ़ाता है।